राष्ट्रपति से मिला बसपा का प्रतिनिधिमंडल, जामिया हिंसा की जांच की मांग

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नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और इस मामले को लेकर हो रहे हिंसक विरोध प्रदर्शनों को लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बसपा के राष्ट्रीय सचिव सतीश चंद्र मिश्रा और संसदीय दल के नेता दानिश अली ने किया। उन्होंने मुलाकात कर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा।

बसपा नेताओं ने जामिया मिलिया इस्लामिया में रविवार को हुई हिंसा की घटना की न्यायिक जांच की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से विवादास्पद नागरिक संशोधन अधिनियम को निरस्त करने की भी मांग की।

उन्होंने आरोप लगाया कि नागरिकता संशोधन अधिनियम भारत के संविधान के खिलाफ है और यह धारा 14 और 21 का उल्लंघन करता है।

दानिश अली ने आईएएनएस से कहा, “हम इस कानून का विरोध करते हैं, क्योंकि यह भारत के संविधान के बुनियादी ढांचे की मूल भावना का उल्लंघन करता है।”

उन्होंने आगे कहा, “संविधान के प्रस्तावना में समानता पर जोर दिया गया है। इसमें कहा गया है कि जाति, पंथ और धर्म पर कोई भेदभाव नहीं किया जा सकता है। जबकि यह कानून धर्म के आधार पर नागरिकता प्रदान करता है। इसलिए, हम इस अधिनियम को निरस्त करने की मांग करते हैं।”

जामिया मिलिया इस्लामिया में रविवार को हुई हिंसा की घटना पर चिंता प्रकट करते हुए दानिश ने कहा, “मैं जामिया का छात्र रहा हूं। मैंने राष्ट्रपति जी से अनुरोध किया कि वह लाइब्रेरी में पढ़ने वाले छात्रों के खिलाफ हुई बर्बरता की जांच के लिए उच्चस्तरीय जांच का आदेश दें। इस घटना से विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।”

उन्होंने कहा, “मैं अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का कोर्ट सदस्य भी हूं और राष्ट्रपति जी वहां के विजिटर हैं। पुलिस हॉस्टल में गई और वहां उसने बर्बता की। इसलिए हमने दोषियों के खिलाफ एक उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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