ED ने डीसीएचएल की 122 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की

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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में डेक्कन क्रॉनिकल होल्डिंग्स लिमिटेड (डीसीएचएल) के पूर्व प्रवर्तकों (प्रमोटर) पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी 122 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है। एजेंसी ने 8,180 करोड़ रुपये के बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले की जांच के संबंध में पीएमएलए के तहत कार्रवाई में प्रमोटर टी. वेंकटराम रेड्डी और टी. विनायकराय रेड्डी की संपत्ति कुर्क की है।

ईडी ने एक बयान में कहा कि एजेंसी ने ऋण धोखाधड़ी मामले में धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कुल 122.15 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति कुर्क की है।

बयान में कहा गया है कि कुर्क की गई संपत्ति डीसीएचएल और रेड्डी बंधुओं की है और उनके द्वारा बेनामी कंपनी बनाई गई है।

ईडी ने कहा कि कुर्क संपत्तियों में नई दिल्ली, हैदराबाद, गुरुग्राम, चेन्नई, बैंगलोर आदि जगहों पर स्थित 14 संपत्तियां शामिल हैं।

कुर्क की गई संपत्ति एनसीएलटी प्रक्रिया के तहत शामिल नहीं हैं।

ईडी ने 2015 में डीसीएचएल और उसके प्रबंधन के खिलाफ सीबीआई, बीएस एंड एफएसी, बेंगलुरू द्वारा दायर छह एफआईआर और इसी आरोप पत्र (चार्जशीट) के आधार पर मामला दर्ज किया था।

इसने कहा कि सीसीएस पुलिस द्वारा एक और आरोप पत्र दायर किया गया था और डीसीएचएल के खिलाफ सेबी द्वारा भी एक मुकदमा दायर किया गया था।

डीसीएचएल और उसके प्रवर्तकों द्वारा किए गए कुल ऋण धोखाधड़ी का अनुमान लगभग 8,180 करोड़ रुपये लगाया गया है।

एजेंसी ने दावा किया कि डीसीएचल वर्तमान में सीआईआरपी प्रक्रिया के तहत है, जिसमें एनसीएलटी की ओर से केवल 400 करोड़ रुपये की एक संकल्प योजना को मंजूरी दी गई है।

एजेंसी ने कहा, “जांच से पता चला है कि डीसीएचएल के तीन प्रमोटरों, जैसे पी. के. अय्यर, टी. वेंकटराम रेड्डी और टी. विनायकराय रेड्डी ने एक सुनियोजित साजिश रची और कंपनी की बैलेंस शीट में हेरफेर करके मुनाफा-विज्ञापन राजस्व में वृद्धि की।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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