खान-पान में परहेज होने के कारण कई बच्चे व वयस्क में महसूस अकेलापन

0
1

जिन लोगों को एलर्जी, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं या धार्मिक कारणों से खान-पान में परहेज करना पड़ता है उन्हें अकेलापन ज्यादा सताता है. एक हालिया शोध के अनुसार ऐसे लोग अन्य लोगों के साथ खाना नहीं बांट पाने के कारण खुद को अलग-थलग महसूस करते हैं.

खाने की मेज पर अलग-थलग महसूस करते हैं : सैम्युल कर्टिस जॉनसन ग्रेजुएटस स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के प्रोफेसर व शोधकर्ता कैटलिन वुली ने कहा, अन्य लोगों के साथ उपस्थित होने पर भी खान-पान में परहेज रखने वाले लोगों को अकेलापन महसूस होता है क्योंकि वो खाना खाते समय उनके साथ जुड़ा हुआ महसूस नहीं करते. सात शोध व कई प्रकार के इस्तेमाल करने के बाद शोधकर्ताओं ने पाया कि खान-पान में परहेज होने के कारण कई बच्चे व वयस्क अकेलापन महसूस करते हैं.

वुली ने बोला कॉर्नेल यूनिवर्सिटी द्वारा किया गया शोध इस विषय में सबूत भी देता है. एक इस्तेमाल में जब बिना किसी परहेज वाले आदमी को खान-पान में परहेज बरतने को बोला गया तो उसमें अकेलेपन की भावना बढ़ती हुई देखी गई. उन्होंने कहा, शोध के अनुसार खान-पान में परहेज होने या न होने का असर इंसान की भावनाओं पर पड़ता है. वे समूह में खान-पान के दौरान भी अकेला महसूस करते हैं. उन्हें इस बात का भय लगता है कि समूह में फिट न होने के कारण अन्य लोग उनके बारे में क्या सोचेंगे. इस चिंता से अकेलेपन की भावना जन्म लेती है व इसकी तुलना अविवाहित लोगों व कम आय वर्ग वाले लोगों से की जा सकती है. जो लोग खान-पान में परहेज करते हैं उनमें अकेलेपन का जोखिम अन्य लोगों की तुलना में 19 प्रतिशत ज्यादा होता है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here