जोड़ों में दर्द का घरेलू उपचार

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जोड़ों में दर्द कई कारणों से हो सकता है जैसे ऑस्टियोआर्थराइटिस, रूमेटोइड गठिया, गठिया, बर्साइटिस, टेंडिनाइटिस या तनाव, चोट जो जोड़ों के आसपास लिगामेंट को प्रभावित करती है। यह शरीर के किसी भी हिस्‍से में हो सकता है, लेकिन विशेष रूप से यह घुटनों, कंधे और कूल्‍हों (shoulders and hips) को प्रभावित करता है। जोड़ों में दर्द और सूजन आपको सामान्य से गंभीर दर्द दे सकता है और आपके जोड़ों में सूजन और कठोराता का कारण बनता है। जोड़ों के दर्द के घरेलू और प्राकृतिक उपचार भी है जिन्‍हें आप इस लेख के माध्‍यम से जानेगें।

डॉक्‍टर पारंपरिक रूप से एंटी-इंफ्लामैट्री (anti-inflammatory) दवाओं और दर्द नाशकों के साथ जोड़ों में दर्द का इलाज करते हैं। हालांकि कुछ दवाएं दुष्‍प्रभाव का कारण बनती हैं, जिसके कारण जोड़ों में दर्द के उपचार के लिए प्राकृतिक उपाय अधिक लोकप्रिय हो रहे हैं। दर्द और सूजन से राहत पाने के लिए इन प्राकृतिक उपायों को आजमाने से पहले अपने डॉक्‍टर से परामर्श करना याद रखें।

चोट या बीमारी के कारण जोड़ों का दर्द हो सकता है जो जोड़ों के आसपास के किसी भी लिगामेंट या टेंडन (Ligament or tendons) को प्रभावित करता है। चोट या बीमारी संयुक्‍त रूप से लिगामेंट, उपास्थि और हड्डियों (cartilage and bones) को भी प्रभावित कर सकती है जिससे आपके जोड़ों में असहनीय दर्द होता है।

ज्यादा परिश्रम, दबाव या अधिक वजन सहने के कारण जोड़ों दर्द बढ़ (Joint pain) सकता है।

यह दर्द स्थानीय गर्मी, सूजन और कोमलता से संबंधित हो सकता है। साथ ही अकड़न के साथ प्रभावित जगह का लाल होना जोड़ों में दर्द के लक्षण होते है।

आइए जाने जोड़ों के दर्द से बचने के उपाय क्‍या हैं और इनका उपयोग हम किस प्रकार कर सकते हैं।

चिकिल्‍सा विज्ञान ने आज हमारे लिए लगभग सभी प्रकार की बीमारियों का इलाज ढूंढ लिया है और इससे हमें लाभ भी मिलता है। पर फिर भी इनके द्वारा किये गए उपचारों से शायद हमें कुछ नुकसान भी हो सकते हैं जो आमतौर पर हमें नजर नहीं आते हैं। आप इन होने वाले नुकसानों से भी बच सकते हैं क्‍योंकि हम आपको ज्‍वाइंट पेन से छुटकारा पाने के कुछ घरेलू नुस्‍खें बताने वाले है जो आपके लिए बहुत ही फायदेमंद होगें और उनका कोई साइड इफैक्‍ट भी नहीं होता है। आइए जाने ये घरेलू उपाय क्‍या हैं।

जोड़ों के दर्द का उपचार करने के लिए हम कुछ व्‍यायाम को कर सकते हैं जो समय के साथ बढ़ने वाले दर्द को कम करने में हमारी मदद कर सकते हैं।

जब जोड़ों के दर्द की बात आती है तो ठंडा और गर्म उपचार विधी दुनिया की सबसे सरल विधि मानी जाती है। इसके लिए गर्म पानी से स्‍नान कर सकते हैं खास तौर पर सुबह के समय जो आपके जोड़ों की कठोरता (stiffness) को कम करने में मदद करता है। आप अपने जोड़ों को लचीला बनाने के लिए रात में एक इलेक्ट्रिक कंबल या नम हीटिंग पैड (moist heating pad) का उपयोग भी कर सकते हैं।

दर्द और सूजन से राहत पाने के लिए आप शीत उपचार (cold treatments) का उपयोग भी कर सकते हैं जो आपके लिए बेहद फायदेमंद होता है। इसके लिए आप जेल आइस पेक (gel ice pack) का उपयोग प्रभावित क्षेत्र में कर सकते हैं। यह आपके जोड़ों के दर्द को दूर करे में ज्‍यादा प्रभावी माना जाता है।

आपका वजन जोड़ों के दर्द को ज्‍यादा असहनीय बना सकता है। ज्‍यादा वजन होने के कारण आपके जोड़ों पर ज्‍यादा दबाव पडता है खासतौर पर आपके घुटने कूल्‍हों और पैरों पर।

वजन कम करके आप अपने जोड़ों पर पड़ने वाले तनाव (stress) को कम कर सकते हैं जिसके कारण आपके जोड़ों में होने वाले दर्द को कम करने में मदद मिलती है और यह भविष्‍य में होने वाले नुकसान (future damage) की संभावना को भी कम करने में आपकी मदद करता है।

एक्‍यूपंचर एक प्राचीन चिकित्सा उपचार (medical treatment) है जिसमें आपके शरीर पर विशिष्‍ट बिंदूओं में पतली सुइयों को डाला जाता है। यह आपके शरीर में ऊर्जा के संतुलन को बनाए रखने का अच्‍छा तरीका माना जाता है। एक्‍यूपंक्‍चर (acupuncture) में बहुत शोध किये गए है जो इस बात की पुष्टि करते हैं यह जोड़ों के दर्द में राहत पाने का सबसे अच्‍छा तरीका है।

ऐसा माना जाता है कि एक्‍यूपंक्‍चर में गठिया के दर्द (Arthritis pain) को कम करने की क्षमता होती है। यदि आप इस उपचार विधि का उपयोग करना चाहते हैं तो एक लाइसेंस प्राप्‍त और प्रमाणित एक्‍यूपंक्‍चरिस्‍ट से संपर्क करें।

मालिश द्वारा जोड़ो के दर्द का घरेलू उपाय – Jodo Me Dard  Ka Gharelu Upchar massage in Hindi

आर्थराइटिस फाउंडेशन के अनूसार, नियमित मालिश करने से जोड़ों के दर्द और कठोरता (pain and stiffness) को कम करने और गति की अपनी सीमा में सुधार करने में मदद मिल सकती है। इसका लाभ लेने के लिए आप एक मालिश चिकित्‍सक नियुक्‍त कर सकते हैं या आप इसे सीखने के लिए किसी शारीरिक चिकित्‍सक (physical therapist) के साथ काम कर सकते हैं। लेकिन मालिश हमेशा अनुभवी (experienced) व्‍यक्ति से ही करवाएं अन्‍यथा अपने डॉक्‍टर से सलाह लें।

जोड़ों के दर्द के लिए पानी का अभ्‍यास – Water exercise for joints pain in Hindi

ऑर्थोपेडिक सर्जन कहते हैं कि तैरना, वाटर एरोबिक्‍स (water aerobics), और अन्‍य जलीय गतिविधियां बिना किसी प्रभाव के शरीर में लचीलापन और ताकत को बढ़ावा देती हैं। जर्नल फिजिकल थेरेपी में 2014 की एक समीक्षा में पाया गया कि पानी में व्‍यायाम दर्द को कम करता है और निचले अंगों के आस्टियोआर्थराइटिस वाले लोगों की शारीरिक कार्यप्रणाली में सुधार करता है। इस बीच नीदरलैंड के एक अघ्‍ययन में पाया गया कि 45 मिनिट के जलीय क्षेत्र (aquatic circuit) प्रशिक्षण सत्र में घुटने के ऑस्टियोआर्थराइटिस के दर्द से छुटकारा पाने में मदद मिलती है।

सेंधा नमक में मैग्‍नीशियम सल्‍फेट (magnesium sulphate) होता है जो पुराने घुटने के दर्द को कम करने में मदद करता है। एक कटोरे में गर्म पानी ले और उसमें 1 कप सेंधा नमक (Epsom salt) मिलाएं। इसे अच्छी तरह से घोलने के बाद आप इस पानी में अपने दर्द वाले जोड़ों को डुबोएं। आप इस नमक का उपयोग अपने नहाने वाले पानी (bath water) में भी कर सकते हैं।

जोड़ो के दर्द की आयुर्वेदिक दवा मेथी के बीज – Fenugreek seeds for Joint pain in Hindi

मेथी अपने एंटीऑक्‍सीडेंट और एंटी-इंफ्लामैट्री (anti-inflammatory) गुणों के कारण जोड़ों के दर्द के लिए एक लोकप्रिय घरेलू उपचार है। यह गठिया से पीड़ित लोगों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है।

  • मेथी बीज (Fenugreek seeds) के एक चम्‍मच पाउडर को खाने के बाद एक गिलास पानी पीएं। इसे प्रतिदिन सेवन करें आपको निश्चित ही लाभ मिलेगा।
  • वैकल्पिक रूप (Alternatively) से आप मैथी बीजों को रात मे भिगों कर सुबह इन गीले मेथी बीजों का भी सेवन कर सकता है।

हल्‍दी से जोड़ों के दर्द का उपचार करें – Turmeric for Joints pain in Hindi

दर्द के लिए हल्‍दी एक बहुत अच्‍छा आयुर्वे‍दिक उपाय है। हल्‍दी में एंटी-इंफ्लामैट्री और एंटीआक्‍सीडेंट (antioxidant) गुणों के साथ कर्क्‍यूमिन नामक एक सक्रीय घटक होता है। जो जोड़ों के दर्द से राहत दिलाने में मदद करता है।

जर्नल ऑफ अल्‍टरनेटिव एंड कॉम्‍प्‍लेमेंटरी मेडिसिन मे प्रकाशित 2009 के एक अध्‍ययन में शोधकर्ताओं ने इस यौगिक की प्रभावशीलता की तुलना इबुप्रोफेन से की और पाया कि घुटने अस्थसंधिशोथ (keen osteoarthritis) वाले मरीजों में दर्द से राहत के लिए कर्क्‍यूमिन इबप्रोफेन के रूप में कार्य करता है।

जैतून का तेल हमारे जोड़ों मे चिकनाई लाता है और गठिया दर्द (Arthritis pain) को कम करने में हमारी मदद करता है। जैतून तेल में आइलोकैंथल होता है जो प्रभावित क्षेत्र में दर्द को कम कर सकता है। गठिया (Arthritis) के साथ आने वाले असहनीय दर्द को ठीक करने के लिए रोजाना जैतून के तेल के साथ अपने घुटनों  की मालिश करें यह आपके दर्द को कम करने का अचूक इलाज हो सकता है।

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