जाने इन आयुर्वेद तरीको से करे अपना हर बीमारियों से बचाव

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लॉकडाउन और कोरोना संक्रमण के प्रसार के मद्देनजर अस्पतालों की ओपीडी बंद है. इस संकट की घड़ी में आपके लोकप्रिय अखबार भारत में हेल्पलाइन सेवा प्रारम्भ की गई है. बड़ी संख्या में लोग हेल्पलाइन सेवा का फायदा उठा रहे हैं.मंगलवार को आप आयुर्वेद पद्धति का फायदा उठा सकते हैं. आयुर्वेद विशेषज्ञ टेलीफोन पर दोपहर 12 से 2 बजे तक सलाह देंगे.

हिन्दुस्तान की हेल्पलाइन पर मंगलवार को आयुर्वेद विशेषज्ञों ने लोगों को उनकी बीमारी से जुड़े सवालों के जवाब देकर जिज्ञासा शांत की. साथ ही अपील की कि लोग कोरोना को लेकर डरे नहीं. बिना भय के कोरोना न फैले. इसके लिए पूरा योगदान करें. खुद को सुरक्षित रखने के साथ परिवारीजनों, परिचितों को सुरक्षित रखें. लॉकडाउन का पूरा पालन करें. इन नंबरों पर कॉल करें:

मुझे बीपी की शिकायत है. सिर दर्द हो रहा है, क्या यह बीपी की वजह से है ? – विक्रम सिंह, अयोध्या 
पहले तो आप जो बीपी बढ़-घट नहीं रहा है तो जो दवा चिकित्सक ने दी, उसे खाते रहें. नमक भोजन में कम कर दें. सुपाच्य भोजन और अन्य पदार्थ खाएं. गुनगुने पानी का सेवन करें. भाप लें.

सर मुझे खांसी, जुकाम, गले और बदन में दर्द, नाक बहने की समस्या है, क्या करें ? 
– प्रदीप, बाराबंकी
आप 8 से 10 बार गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारा करें. गुनगुना पानी पिएं. काली मिर्च, अदरख, तुलसी लेटर एवं पुराने गुड़ को मिलाकर काढ़ा बना लें. उसे जितना गर्म सेवन कर सकते हो, जिससे जुबान-मुंह न जले, दिन में तीन बार 20 से 30 एमएल पिएं. इसके अतिरिक्त गिलोयधन वटी दो-दो गोली तीन बार खाएं. इससे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी. ’

मेरे खांसी जुकाम और बदन दर्द है, कोरोना तो नहीं है ? – सुनीता, राजाजीपुरम 
यह कोरोना का लक्षण नहीं है. अपने मन से पहले कोरोना वायरस का खौफ निकाल दें. आप कई बार गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारा करें. काली मिर्च, अदरक, तुलसी लेटर एवं पुराने गुड़ का काढ़ा बनाकर पिएं. गुनगुना पानी पीती रहें.

हमारे कमर व घुटनों में दर्द हो रहा है. इसके लिए क्या करें? – गुड्डू इन्दिरा नगर और मालती ठाकुरगंज 
आप सहजन की पत्ती को उबालकर, उसी गुनगुने पानी से सिंकाई करें. उसी सहजन के पत्तों को बांध लें, जहां दर्द हो रहा हो. योगराज गुग्गुल की दो-दो गोली प्रातः काल शाम खाएं. अपनी कमर, घुटनों और दर्द वाली स्थान पर पंचगुण ऑयल लगाएं. इससे बहुत आराम मिलेगा.

’ सर मेरे बदन, गले में दर्द और खराश है. क्या करें ? – अरविंद मौर्या आलमबाग
आप काढ़ा का सेवन करें. गुनगुने पानी और नमक का गरारा करें. शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखने के लिए गिलोयधन वटी दो-दो गोली तीन बार खाएं. ’ घर में पड़े-पड़े गैस, कब्ज हो गई है. खाने का भी मन नहीं करता है, क्या करें ? रजनीश, चौक गुनगुना पानी पिएं. घर में खूब टहलें. एक ही स्थान पर सिर्फ लेटे या बैठे नहीं रहें. मुलैठी का चूर्ण बना लें. इसे तीन-तीन ग्राम प्रातः काल व शाम को गुनगुने पानी से ही खा लें. अविपत्तिकर चूर्ण तीन बार तीन-तीन ग्राम खाएं. साथ ही आरोग्यवर्धनी वटी की दो-दो गोली प्रातः काल और शाम को खाएं. ’

मेरे डायबिटीज है. बुखार आ रहा है. पेट भी गड़बड़ है, क्या करें ? – शैलेंद्र, हुसैनगंज 
आप सबसे पहले खट्टा व मिर्चे को भोजन में बंद कर दें. बुखार की जो दवा ले रहे हैं, बुखार न आने पर उसे न खाएं. हर्बुलेक्स आयुर्वेदिक दवा ले लें. घर में थोड़ा जरूर टहलें.

इन लक्षणों को पहचानें
– शरीर में तेज दर्द के साथ कमजोरी
– लिवर व किडनी में परेशानी
– सांस में तकलीफ होना
– निमोनिया के लखण दिखना
– पाचन क्रिया में आकस्मित तकलीफ होना, ऐसा होने पर चिकित्सक से सम्पर्क करें.

डॉक्टरों की सलाह
दफ्तरों में कार्य करने वाले लोग घर पर खाली हैं. ऐसे में कोई भी बीमारी होती है तो लोग पहले कोरोना सोचने लगते हैं. मन में वहम है. इसलिए महत्वपूर्ण है कि घर में टहलें, व्यायाम करें व खुद को इंडोर गेम में व्यस्त करें.-   डाक्टर शिवशंकर त्रिपाठी, रिटायर, आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी, राजभवन

बुखार, बदन और गले के दर्द को कोरोना से न जोड़ें. एहतियात बरतें. अपनी दिनचर्या में चाय की स्थान पर दिन में दो-तीन बार काढ़ा पिएं. हो सके तो गिलोयधन वटी दो-दो गोली तीन बार खाएं. – डाक्टर धर्मेन्द्र कुमार, मेडिकल अफसर, राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, टूड़ियागंज3

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