आजकल इस वजह से बढ़ रहा है भारतीय महिलाओं में ‘डिलडो’ का क्रेज

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भारत में प्यार छिपा कर होता है फिर सेक्स से जुड़ी चीजें कैसे खुलेआम बिक सकती हैं। कंडोम खरीदने में लोगों के पसीने छूट जाते हैं। भारत में सेक्स खिलौनों और सेक्स से जुड़ी दूसरी चीजों को न तो खुलेआम खरीदा बेचा जाता है और न ही इसकी अनुमति है। फिर भी आजकल भारतीय महिलाये में इनका उपयोग तेज़ी से बढ़ रहा है।

 डिल्डो या सेक्स टॉय अक्सर स्पष्ट रूप से दिखने में फालिकल होता है, जिसका उद्देश्य हस्तमैथुन के दौरान या सेक्स पार्टनर के साथ यौन क्रिया या अन्य यौन क्रियाओं के लिए होता है। डिल्डो को कई सामग्रियों से बनाया जा सकता है और एक स्तंभित मानव लिंग की तरह आकार दिया जा सकता है। आम तौर पर एक सीधा लिंग की औसत लंबाई के बारे में लंबाई में 4-6-इंच (10-15 सेमी) होते हैं, लेकिन कुछ लंबा हो सकता है, और परिधि आमतौर पर 4-5 इंच (10–13 सेमी) होती है।

भारतीय समाज काफी रूढ़िवादी रहा है। लेकिन अब वह मानसिकता में भारी बदलाव देख रहा है। यंगस्टर्स कामुकता पर चर्चा करने के बारे में अधिक खुले और सहज हैं| इसलिए महिलाये योन सुख के नए नए तरीके आजमा रही है इसमें डिलडो भी शरीक है। ऐसा नहीं है की ये सिर्फ अविवाहित महिलाएं प्रयोग करती है अपितु शादीशुदा जोड़े भी इसका प्रयोग कर अपनी शादीशुदा योन ज़िन्दगी को और हसीं बनाते हैं। इसलिए भारत में डिलडो का प्रयोग बढ़ रहा है।

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