वीकेंड पर बनाएं अगरतला से इन रोमांचक स्थलों का प्लान

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पूर्वात्तर भारत के त्रिपुरा का खूबसूरत राजधानी शहर है। गुवाहाटी के बाद यह नॉर्थ ईस्ट का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। अगरतला, भारत के सबसे तेजी से विकसित होते शहरों में भी गिना जाता है। शहर का नाम दो शब्दों को मिलाकर बना है, ‘अगर’ जो की एक खास प्रकार की लकड़ी होती है, जिसका इस्तेमाल धूप और इत्र बनाने के लिए किया जाता है। और ‘तला’ का अर्थ होता है, ‘नीचे’। यहां काफी संख्या में अगर की लकड़ी के पेड़ पाए जाते हैं। यह शहर हरोआ नदी के तट पर बसा है, जहां से बांग्लादेश की सीमा मात्र 2 कि.मी दूरी ही रह जाती है। पर्यटन के लिहाज से यह शहर काफी ज्यादा मायने रखता है, यहां घूमने-फिरने और देखने योग्य कई खास स्थल मौजूद हैं, जिन्हें आप शहर यात्रा के दौरान देख सकते हैं। लेकिन इस खास लेख में हम आपको अगरतला के उन निकटवर्ती स्थानों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका प्लान आप यहां से वीकेंड पर बना सकते हैं। शिलांग, मेघालय आप अगरतला से शिलांग का प्लान बना सकते हैं। शिलांग मेघालय का राजधानी शहर और एक खूबसूरत हिल स्टेशन है, जो विश्व भर के पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करता है। यह पर्वतीय स्थल समुद्र तल से 4,908 मीटर की ऊंचाई पर बसा है। पर्यटन के लिहाज से यह स्थल काफी ज्यादा मायने रखता है, यहां का पहाड़ी परिवेश, नदी, घाटी और मनमोहक वातावरण सैलानियों को काफी ज्यादा प्रभावित करते हैं। यहां के पहाड़ी आकर्षण को देखते हुए इसे पूर्व का स्कॉटलैंड भई कहा जाता है। आप यहां कई शानदार स्थलों की सैर का प्लान बना सकते हैं। एलिफेंट फॉल्स, लेडी हैदरी पार्क, शिलांग गोल्फ कोर्स, शिलांग चोटी आदि यहां के मुख्य पर्यटन आकर्षण हैं। आप अगरतला से 55 किमी की दूरी पर राज्य के उदयपुर की सैर का प्लान बना सकते हैं। गोमती नदी के किनारे स्थित यह स्थल पर्यटन कि लिहाज से काफी ज्यादा खास माना जाता है। त्रिपुरा का उदयपुर प्राकृतिक और सांस्कृतिक रूप से एक समृद्ध स्थल है। आप यहां हिन्दू मंदिरों की एक बड़ी श्रृंखलों को देख सकते हैं। यहां ज्यादातर श्रद्धालुओं का आगमन होता है। इस शहर का सबसे मुख्य आकर्षण त्रिपुर सुंदरी मंदिर है, जहां रोजाना भक्तों का बड़ा जमावड़ा लगता है। आध्यात्मिक अनुभव के लिए आप यहां आ सकते हैं। आप अगरतला से उनाकोटि की सैर का प्लान बना सकते है। त्रिपुरा स्थित उनाकोटि पूर्वोत्तर के सबसे बड़ी रहस्यमयी स्थलों में गिना जाता है। घने जंगलों और शोर मचाते नदी स्रोतों के मध्य बसा यह स्थल रोमांच प्रेमियों के लिए सबसे उपयुक्त जगह है। इस स्थल के इतिहास का सटीक पता अबतक नहीं लग पाया, फिर इसे पौराणिक काल से जोड़कर देखा जाता है। यह स्थल चट्टानों पर बनाई गई देवी-देवताओं की मूर्तियों के लिए जाना जाता है। यहां दो तरह की मूर्तियां मौजूद हैं, एक चट्टानों को काट कर बनाई गईं और दूसरी चट्टानों पर बनाई गई प्रतिमाएं। आप यहां भगवान शिव की 30 फीट ऊंची मूर्ति देख सकते हैं, जिन्हें उनाकोटेश्वर के नाम से जाना जाता है। अगर आप रोमांच का शौक रखते हैं, तो यहां जरूर आएं।  आप अगरतला से चेरापूंजी की सैर का प्लान बना सकते है, यह एक विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है, जो शिलांग से लगभग 53 कि.मी की दूरी पर बसा है। यह दुनिया का दूसरा सबसे नम स्थानों में गिना जाता है, जहां अत्यधिक बारिश होती है। यह स्थल सोहरा नाम से भी जाना जाता है। यहां घूमने और देखने के लिए कई प्राकृतिक आकर्षण मौजूद हैं, जिनमें नोहकालीकई जलप्रपात, डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज,वकवा जलप्रपात, मॉस्मई गुफा आदि शामिल हैं। यह रोमांचक सफर के लिए आप यहां की सैर कर सकते हैं।

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