शोधकर्ताओं ने किया दावा इन चीजों की कमी से होता है एंग्जायटी डिसऑर्डर

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चिंता एक ऐसी स्थिति है जिसमें आप चिंतित, भय व तनाव महसूस करते हैं. शोधकर्ताओं का बोलना है कि कम फल व सब्जी खाने वाले लोगों में चिंता संबंधी विकार यानी एंग्जायटी डिसऑर्डर की संभावना अधिक होती है.

 इंटरनेशनल जर्नल ऑफ एनवायर्नमेंटल रिसर्च एंड पब्लिक हेल्थ में प्रकाशित अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों ने प्रतिदिन फल व सब्जियों के तीन से कम स्रोतों का सेवन किया, उनमें चिंता संबंधी विकार कम से कम 24 फीसदी अधिक देखे गए.

शोध के मुताबिक जैसे-जैसे शरीर में वसा का स्तर 36 फीसदी से अधिक बढ़ा, एंग्जायटी डिसऑर्डर की संभावना 70 फीसदी से अधिक बढ़ गई.

 से जुड़े एम्स के डाक्टर उमर अफरोज का बोलना है कि एंग्जायटी डिसऑर्डर में कुछ खाद्य पदार्थों का सेवन लाभदायक होने कि सम्भावना है. आदमी को ओमेगा 3 फैटी एसिड युक्त खाद्य पदार्थ, प्रोबायोटिक वाले खाद्य पदार्थ, खूब सारा पानी, एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर खाद्य पदार्थ, मैग्नीशियम वाले खाद्य पदार्थ, विटामिन बी से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए.

 से जुड़े डाक्टर लक्ष्मीदत्ता शुक्ला का बोलना है कि चिंता एक मानसिक विकार है जो कि रज व तम जैसे मानसिक गुनाह के असंतुलन के कारण होती है. रज यानी दिमाग को काम व जोश के लिए प्रेरित करना व तम यानी मन को असंतुलन, विकार व चिंता से प्रभावित करने वाला. चिंता संबंधी विकार यानी एंग्जायटी डिसऑर्डर से कई परेशानियां पैदा हो सकती हैं. इस विकार की वजह से आदमी अवसाद का शिकार होने कि सम्भावना है. यही नहीं अनिद्रा, पाचन की समस्याएं, लंबे समय तक रहने वाला सिरदर्द तक होने कि सम्भावना है. अगर स्थिति समय रहते काबू में न की तो आदमी के मन में आत्महत्या का विचार आने लगता है. इस विकार को मेडिकल प्रोफेशनल की उचित मदद से दूर किया जा सकता है, लेकिन एंग्जायटी डिसऑर्डर का निवारण खोजने के लिए पहले लक्षणों को पहचानना होगा.

अत्यधिक चिंता करना
यह एंग्जायटी डिसऑर्डर के सबसे आम लक्षणों में से एक है. यदि चिंता ज्यादा दिनों में होती है व कम से कम छह महीने तक बनी रहती है, तो प्रोफेशनल्स मदद लेने की आवश्यकता है.

उत्तेजित महसूस करना
एंग्जायटी डिसऑर्डर वाले लोग भी तेजी से दिल की धड़कन में तेजी, पसीना, झटकों व मुंह में सूखापन का अनुभव कर सकते हैं. इस तरह की उत्तेजना बहुत ज्यादा लंबे समय तक जारी रह सकती है.

बेचैनी
बेचैनी यह भी इशारा दे सकती है कि कोई आदमी चिंता संबंधी विकार का शिकार है, खासकर अगर यह अक्सर होता है. यह बच्चों व किशोरों में विशेष रूप से आम है.

थकान
अत्यधिक चिंता के साथ थकान भी एक एंग्जायटी डिसऑर्डर का इशारा होने कि सम्भावना है. हालांकि, सरलता से थक जाना, अवसाद जैसे अन्य चिकित्सा विकारों का इशारा भी होने कि सम्भावना है.

एकाग्रता में कमी
एंग्जायटी डिसऑर्डर पीड़ित आदमी में एकाग्र होने में कठिन आती है. अध्ययनों से पता चलता है कि चिंता वर्किंग मेमोरी को बाधित कर सकती है. यह एक प्रकार की मेमोरी है जो अल्पकालिक जानकारी रखने के लिए जिम्मेदार है. हालांकि, ध्यान केंद्रित करने में परेशानी डिफिसिट डिसऑर्डर या डिप्रेशन का इशारा होने कि सम्भावना है.

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