शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाते हैं ये 2 योगासन

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शरीर में ब्लड सर्कुलेशन (Blood circulation) यदि सुचारू रूप से काम करता रहता है, तो आप स्वस्थ रहते हैं। कई बार रक्त प्रवाह बेतरतीब लाइफस्टाइल के कारण खराब हो जाता है। कई बार ब्लड सर्कुलेशन (ways to improve blood circulation) में गड़बड़ी होने के कारण आपको डायबिटीज, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक आदि भी हो सकता है। शरीर में रक्त का प्रवाह सही नहीं होगा, तो आपके कई महत्वपूर्ण अंग अच्छी तरह काम नहीं करेंगे, जिससे आपको अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं। आप कुछ आसन के नियमित अभ्यास से भी ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर कर सकते हैं। जानें, कौन से योगासन (Yogasana to improve blood circulation) शरीर में रक्त प्रवाह को सही बनाए रखते हैं।

ताड़ासन

इस आसान को करने से आप हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को कम कर सकते हैं। साथ ही फेफड़ों की क्षमता में भी सुधार होता है। फेफड़े स्वस्थ रहते हैं और उन्हें मजबूती मिलती है। प्रेग्नेंसी के पहले तीन महीनों में भी आप ताड़ासन कर सकते हैं। इसे करते समय आप इसकी ब्रीदिंग टेक्निक से ब्लड सर्कुलेशन में सुधार ला सकते हैं।

कैसे करें ताड़ासन

ताड़ासन (Tadasana) के नियमित अभ्यास से आप हाई ब्लड प्रेशर की समस्या (Yogasana to improve blood circulation) को कम कर सकते हैं। साथ ही यह आसन बेली फैट को भी कम करता है। ताड़ासन करने के लिए सीधे खड़े हो जाएं। आपको खड़े ऐसे होना है, ताकि आपकी दोनों एड़ियां एक-दूसरे को छुएं। अब अपने दोनों हाथों की हथेलियों को एक साथ मिलाएं। फिर, दोनों को एक-साथ ऊपर की तरफ लेकर आते हुए अपने दोनों हाथों को सिर के ऊपर ले जाएं। पैरों की उंगुलियों के बल खड़े हो जाएं। अब दोनों हाथों को खोलते हुए नीचे की तरफ ले आएं। इस बीच अपने शरीर में ज्यादा से ज्यादा खिंचाव लाने की कोशिश करें। यह योगासन आपके पेट की मांसपेशियों को फिट रखता है। उन्हें सही शेप देता है। इसके साथ-साथ यह घुटनों और एड़ियों की क्षमता को भी बढ़ाता है।

त्रिकोणासन

इससे ब्लड सर्कुलेशन में तो सुधार होता ही है, साथ ही ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या भी कम होती है। कब्ज से भी राहत मिलती है। इसे गर्भावस्था में भी आप कर सकती हैं, लेकिन बेहतर होगा कि अपनी डॉक्टर से सलाह ले लें।

कैसे करें त्रिकोणासन

दोनों पैरों को कंधों के समान एक समान अंतर पर फैलाकर खड़े हो जाएं। अब दाहिने तरफ झुकें और अपने पैरों की उंगलियों को छूने की कोशिश करें। दूसरे हाथ को उसी दिशा में ऊपर की ओर उठाकर रखें। हथेली खुली हुई होनी चाहिए। इस मुद्रा में 20-30 सेकेंड तक रहें। इसी तरह से अब बाईं तरफ झुकें। पैरों के उंगलियों को नहीं छू पा रहे हैं, तो घुटनों को छू सकते हैं। जिन लोगों को स्लिप डिक्स, पेट की कोई सर्जरी हुई है या साइटिका दर्द है, तो इस योगासन को करने से बचें।

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