आंखों और होठों पर सूजन से राहत दिलाता है ये घरेलू नुस्खा

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एनाफाइलेक्सिस स्कीन पर होने वाले एलर्जिक रिएक्शन की गंभीर अवस्था है. जिस भी वस्तु से एलर्जी होती है उसके सम्पर्क में आने के कुछ सेकंड्स से 30 मिनट के बीच ही आदमी पर प्रभाव होने लगता है. इसलिए इसका उपचार तुरंत किया जाना महत्वपूर्ण है. एलर्जी का कारण बनने वाली चीजों से दूरी बनाना ही बचाव है.

लक्षण : शरीर पर लाल चकत्ते, पल्स निर्बल होना, सुस्ती, उल्टी आना, होठों पर सूजन और सांस लेने में तकलीफ होती है. कुछ मामलों में समस्या बढ़ने पर बीपी कम होने, डायरिया, आंखों और चेहरे पर सूजन होती है.

कारण : मधुमक्खी के काटने, मूंगफली, फंगस, खास दवाओं, इंजेक्शन के दुष्प्रभाव से स्कीन पर प्रभाव होता है. इसकी मुख्य वजह एंटीजन व एंडीबॉडी रिएक्शन है.

इन्हें ज्यादा खतरा : वैसे तो यह सिर्फ शिशु को ही नहीं बड़ों में किसी भी आयु के आदमी को होने कि सम्भावना है. लेकिन पांच वर्ष की आयु से छोटे बच्चे स्कीन पर होने वाली कठिनाई को बता नहीं पाते इस कारण स्थिति गंभीर हो जाती है.

जांच, उपचार और बचाव
स्किन पैच टैस्ट व ब्लड टैस्ट कर इसका पता लगाते हैं. इसके तहत स्कीन पर पैच लगाने के बाद यदि लाल चकत्ते उभरें या खुजली हो तो समस्या की पहचान होती है.

एंटीहिस्टेमाइन व एंटीएलर्जिक दवाओं के अतिरिक्त गंभीर स्थिति में एड्रिनलिन इंजेक्शन से उपचार करते हैं. आईवी फ्लूड, ऑक्सीजन देने के साथ वासोप्रेशर देकर बीपी कंट्रोल करते हैं.

जितना हो सके एलर्जी वाली चीजों से दूर रहें. स्कीन पर किसी भी तरह का रिएक्शन दिखे तो तुरंत शिशु रोग विशेषज्ञ को दिखाएं.

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