उत्तराखंड के इस होटल में मौजूद है भूत-प्रेत, जानिए क्या है रहस्य

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कहीं घूमने जाने की बात आती है तो पहले होटल के बारे में सोचा जाता है। कौन-सा होटल रहने के लिए सही रहेगा। अपने अनुभव को यादगार बनाने के लिए हम अच्छे से अच्छा होटल ढूंढते हैं। भारत में अंग्रेजी शासन के दौरान बहुत से आलीशान भवनों और होटलों का निर्माण करवाया गया था। बहुत से भवनों को हेरिटेज घोषित कर दिया, जबकि कुछ होटल खंडहर में तब्दील हो गए। माना जाता है कि उस दौरान बनाए गए बहुत से होटल आज अपनी संरचनात्मक खूबसूरती से ज्यादा डरावने अनुभवों के लिए जाने जाते हैं।

– मॉर्गन हाऊस पश्चिम बंगाल में कालिम्पोंग नामक हिल स्टेशन पर स्थित है। इस होटल की संरचना कुछ ऑस्कर वाइल्ड की प्रसिद्ध किताब ‘द कैंटरविले घोस्ट’ के महल से बहुत हद तक मेल खाती है। जॉर्ज मोरगन कभी यहां अपनी पत्नी के साथ रहा करते थे, लेकिन जब उनकी पत्नी का देहांत हो गया तो वे यह घर छोड़कर चले गए। बाद में इसे एक लॉज बना दिया गया, लेकिन वहां ठहरने वाले लोगों ने शिकायत की। उन्हें लग रहा था कि वहां कोई आत्मा मौजूद है।

– हैदराबाद में रामोजी फिल्म सिटी का निर्माण निजाम सुल्तानों के युद्ध क्षेत्र पर हुआ है, लिहाजा यहां कई मौतें हुई होंगी। गौरतलब है कि आस-पास के होटलों से रहस्यमयी घटनाओं की शिकायतें मिलती रहती हैं। यहां कभी किसी लाइट या लाइट-मैन का ऊंचाई से गिर पड़ना, बाथरूम के शीशे पर उर्दू में कुछ लिखा होना, खाने की प्लेटों का बिखरा होना आदि कई हादसे देखने को मिलते रहे हैं।

– ब्रिज राज भवन राजस्थान के कोटा शहर में स्थित है। इस होटल का इतिहास भी भारत में अंग्रेजों से जुड़ा हुआ है। इस भवन में कभी मेजर चार्ल्स बर्टन नाम का एक ब्रिटिश अधिकारी रहा करता था। जिससे इस भवन की रहस्यमयी कहानी जुड़ी है। इसका भवन निर्माण 19वीं शताब्दी के दौरान करवाया गया था, जिसे बाद में एक हेरिटेज होटल में तब्दील कर दिया गया।

– उत्तराखंड के मसूरी स्थित सवॉय होटल भारत के ऐतिहासिक होटल्स में एक है, जिसका निर्माण 1902 में करवाया गया था। अपनी खूबसूरती के साथ-साथ ये होटल भारत के चुनिंदा भुतिया होटल में भी गिना जाता है। जानकारों का मानना है कि यहां किसी ब्रिटिश लेडी गारनेट ऑरमेकी की आत्मा भटकती है। जो सन् 1911 में यहां रहने आई थीं, लेकिन कुछ समय बाद गारनेट की रहस्यमयी तरीके से मौत हो गई थी।

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