महिलाएं बिस्तर के रंगीन पलों का आनंद उठाने से इसलिए कतराती हैं

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हाल ही में हुए एक अध्यतयन से यह बात सामने आई है कि बिस्तइर पर प्याेर के पलों में होने वाले दर्द के पीछे शारीरिक और मानसिक दोनों ही कारण सामने आये है। 

इंडियाना युनिवर्सिटी ने एक अध्यरयन किया और पाया कि 30 फीसदी महिलाओं को बिस्तार पर दर्द की समस्याि का सामना करना पड़ता है, जबकि पुरुषों में ये महज 5 फीसदी ही होती है. इस अध्यऔयन में 18 से 59 साल के जोड़ों को शामिल किया गया था। अध्य यन से एक और बात समाने आई वह ये कि ज्याादातर महिलाओं को बिस्तर पर बिताए जाने वाले पलों में दर्द का अनुभव उनकी अपनी सोच के चलते होता है। ज्यातदातर लोगों का मानना यही होता है कि बिस्तर पर महिलाओं को पुरुषों के बजाय ज्यादा दर्द को सहना पड़ता है, और उनकी यही सोच महिलाओं को कमजोर बना देती हैं। 

इस लिये महिलाएं बिस्तर पर आने से कतराती हैं, कभी सिर दर्द तो कभी थके होने के बहाने उनके पास हमेशा तैयार रहते हैं। साथ ही महिलाएं बिस्तर के उन रंगीन पलों का आनंद उठाने से इसलिए भी कतराती हैं, क्योंकि विवाह से पहले या उन पलों के बारे में महिलाओं में शुरू से ही दर्द का डर बैठा दिया जाता है। इसलिए आप उन्हें  मानसिक रूप से तैयार करना न भूलें। 

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