कान दर्द की समस्या से है परेशान तो अपनाए ये घरेलू नुस्खा

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ठंड से सबसे ज्यादा कानों को बचाने की सलाह दी जाती है. यदि लापरवाही बरती जाए तो ठंड कान में घुस सकती है व असहनीय दर्द उठ सकता है. कान के इस दर्द को नजरअंदाज करना खतरनाक होने कि सम्भावना है.

कई बार सर्दी या जुखाम की वजह से भी कान में दर्द प्रारम्भ हो जाता है.जुड़े डाक्टर अभिषेक गुप्ता के अनुसार, ध्यान न दिया जाए तो कान से तरल पदार्थ का रिसाव प्रारम्भ होने कि सम्भावना है. कान में दर्द होने पर ऑयल डाल लेना या फिर माचिस की तीली जैसी किसी वस्तु से कान को साफ करने की प्रयास करना बहुत आम है, लेकिन कई बार यह आदत खतरनाक हो सकती है. इसलिए बेहतर होगा सर्दी के मौसम में कान की विशेष देखभाल की जाए व दर्द लंबे समय तक बना रहे तो किसी विशेषज्ञ को दिखाएं. खासतौर पर बच्चों के मुद्दे में यह सावधानी बरतना बहुत महत्वपूर्ण है.

www.myupchar.com से जुड़े डाक्टर आयुष पाण्डेय के अनुसार, बैक्टीरिया व फंगस के कारण कान की बाहरी नली में संक्रमण या सूजन हो सकती है. इसमें कान को छूने, खींचने या कुछ चबाते समय दर्द होता है.
चिकित्सक को कब दिखाएं
यदि कान में दर्द से साथ खून या सफेद रंग का मवाद निकल रहा है तो तत्काल चिकित्सक को दिखाना चाहिए. इसी तरह कान में खुजली आम बात है, लेकिन यह लंबे समय से बनी हुई है तो खुद कोई उपचार न करें. यह किसी तरह का संक्रमण होने कि सम्भावना है. यदि कान दर्द के साथ चक्कर भी आ रहे हैं तो लापरवाही न बरतें. चिकित्सक को दिखाएं.

से जुड़े आयुर्वेदाचार्य डाक्टर लक्ष्मीदत्त शुक्ला के अनुसार, अदरक में सूजन कम करने वाले गुण होते हैं. यह कान के हर संक्रमण की दवा है. इसका प्रयोग भी बहुत सरल है. ताजे अदरक का रस निकालकर एक या दो बूंद कान में डालें, सूजन व संक्रमण दोनों दूर हो जाएंगे. जैतून के ऑयल के साथ भी अदरक का प्रयोग किया जाता है. एक चम्मच जैतून के ऑयल में अदरक का रस डालें व गर्म कर लें. इनकी एक-दो बूंद कान में डालें. अकेला जैतून का ऑयल भी कान के दर्द से राहत दिलाता है. गुनगुने ऑयल की तीन से चार बूंद कानों में डालें.
ठंड के दिनों में सरसों का ऑयल बहुत अच्छा है व यह कान दर्द में भी राहत दिलाता है. आयुर्वेद के मुताबिक, सरसों के ऑयल को गर्म कर लें व जितना सहन हो सके, उतना गर्म ऑयल कान में एक या दो बूंद डालें. जबड़ा खुला रखें ताकि ऑयल अंदर तक जा सके. इससे कान का मैल साफ हो जाएगा.
लहसुन प्राकृतिक दर्द निवारक है. तिल के ऑयल में लहसुन के छोटे-छोटे टुकड़े डालकर गर्म कर लें. ठंडा होने पर छान लें. इस ऑयल की 2 से 3 बूंद कान में डालें. इसके अतिरिक्त लहसुन की कलियों का रस निकालकर भी कान में डाला जा सकता है.
कान दर्द का सबसे आसान घरेलू उपचार नमक है. नमक को कढ़ाई में डालकर गर्म करें. इसके बाद कपड़े में डालकर पोटली बना लें व कान पर रखकर सिकाई करें. इससे निकलने वाली गर्मी से दर्द दूर हो जाएगा. इस तरह गर्म पानी की बोतल से भी सिकाई की जा सकती है. पुदीने की ताजा पत्तियों को पीस लें व इनसे निकले रस को ड्रॉप वाली शीशी में भरकर रख दें. रोज दो-दो बूंद डालें. दर्द से राहत मिलेगी.

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