सर्दी के मौसम में यूं करें काली मिर्च का इस्तेमाल, सेहत को मिलेगा ये लाभ

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काली मिर्च का प्रयोग लगभग हर दिन खाने में किया जाता है. खाने का स्वाद बढ़ाने वाली काली मिर्च हर घर में गरम मसाले के तौर पर उपस्थित होती है. अगर आप सोच रहे हैं कि काली मिर्च केवल स्वाद बढ़ाने के लिए है तो ऐसा नहीं है. यह मसाला औषधीय गुणों के कारण बड़े कार्य का है.

किंग ऑफ स्पाइस या ब्लैक पेपर के नाम से प्रसिद्ध काली मिर्च सर्दियों में रामबाण है. ठंड के मौसम में इसका सेवन लाभकारी होता है. आयुर्वेद में इस मसाले को सभी तरह के बैक्टीरिया, वायरस आदि का नाश करने वाली औषधि माना जाता है. काली मिर्च में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं व यह प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है.

आयुर्वेदाचार्य डाक्टर लक्ष्मीदत्त शुक्ला के अनुसार, एंटीऑक्सीडेंट्स आपकी कोशिकाओं को बेकार होने से बचाते हैं, इससे कैंसर, आयु के बढ़ने और अन्य रोग होने से आपका बचाव होता है. हमारी शारीरिक संरचना की रक्षा करने के लिए यह किसी सुपर हीरो की तरह ही कार्य करते हैं. यह हरी सब्जियों में प्राकृतिक रूप में पाए जाते हैं.

सबसे प्रचलित एंटीऑक्सिडेंट्स विटामिन सी व ई, बीटा कैरोटीन व कैरोटीनॉएड्स हैं व खनिज में सबसे प्रचलित मैंगनीज व सैलेनियम होते हैं.

रजत गर्ग बताते हैं कि काली मिर्च खांसी भगाने में भी अच्छा है. थोड़ा शहद मिलाकर इसका सेवन किया जाए तो खांसी से मुक्ति मिल सकती है. ठंड के दिनों में सर्दी-खांसी से बचाव के अतिरिक्त काली मिर्च पाचन शक्ति को मजबूत करती है.

गैस, एसिडिटी से निजात दिलाती है, भूख बढ़ाती है, दांत और मसूड़ों की परेशानी में व वजन कम करने में सहायक है. इतना ही नहीं, काली मिर्च में उपस्थित पाइपरिन कई तरह के कैंसर को रोकता है.

इसके सेवन को लेकर कुछ सावधानियां भी रखने की आवश्यकता है. इसकी तासीर गर्म होती है इसलिए सीमित मात्रा में ही इसका सेवन करना चाहिए. अगर इसे खाने के बाद नाक में खून की शिकायत हो तो इसका सेवन बंद कर देना चाहिए. गर्भावस्था के दौरान काली मिर्च के सेवन से बचने की सलाह दी जाती है.

काली मिर्च साबुत व पिसी हुई दोनों ही रूप में मिल जाती है. लेकिन साबुत काली मिर्च खरीदने को अहमियत देनी चाहिए, क्योंकि यह मिश्रण रहित होती है. काली मिर्च को शीशे के जार में अच्छी तरह बंद करके रखें, ताकि उसमें हवा न जाए. हालांकि काली मिर्च को फ्रिज में भी लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है.-सर्दी-जुखाम से राहत पाने के लिए काली मिर्च का प्रयोग हमेशा से होता रहा है. एक कप पानी में एक छोटा चम्मच काली मिर्च का पाउडर व दो बड़ा चम्मच शहद मिलाएं. कुछ देर के लिए इसे ढक कर रख दें. 15 मिनट बाद छानकर पी लें. साइनस की समस्या से राहत मिलेगी.

-8-10 काली मिर्च व 12-15 तुलसी के पत्ते मिलाकर चाय बनाकर पिएं, सर्दी-खांसी दूर हो जाएगी.

-खांसी में आराम चाहते हैं तो 100 ग्राम गुड़ पिघलाकर 20 ग्राम काली मिर्च का पाउडर मिलाएं. थोड़ा ठंडा होने पर उसकी छोटी-छोटी गोलियां बना लें व खाना खाने के बाद 2- 2 गोलियां प्रतिदिन लें.

-काली व सूखी खांसी से छुटकारा पाने के लिए दो चम्मच दही, एक चम्मच चीनी व 6 ग्राम पिसी काली मिर्च मिलाकर चाटें.

-एक चम्मच शहद में 2-3 पिसी काली मिर्च व चुटकी भर हल्दी मिलाकर खाने से जुखाम में बनने वाले कफ से राहत मिलेगी.

-10-10 ग्राम सोंठ, काली मिर्च, पिसी इलायची व मिश्री को पीसकर चूर्ण बना लें. इसमें बीज निकला 50 ग्राम मुनक्का व तुलसी के 10 पत्ते पीसकर डालें व अच्छी तरह मिला लें. इस मिलावट की 3-5 ग्राम की गोलियां बनाकर छाया में सुखा लें. सुबह-शाम 2-2 गोलियां गर्म पानी के साथ लें. नाक में होने वाली एलर्जी छूमंतर हो जाएगी.

-7 काली मिर्च व 7 बताशे रात को सोने से पहले चबाकर खाएं. इससे गले की खराश अच्छा होगी.

-तुलसी, काली मिर्च व गिलोय का काढ़ा पीना बुखार में लाभकारी है.

-संक्रमण (इन्फेक्शन) होने पर काली मिर्च व पुदीने की चाय का सेवन करें.

-काली मिर्च, पीपल व सोंठ बराबर मात्रा में पीस लें, तैयार 2 ग्राम चूर्ण शहद के साथ दिन में 2 से 3 बार चाटें.

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