Corona :कोरोना के हलके लक्ष्णों में न करवाए सीटी स्कैन : AIIMS

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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने सोमवार को कहा की कोरोना के हल्के लक्षण वाले सभी लोगों को अनावश्यक सीटी स्कैन करवाने से बचना चाहिए, सीटी स्कैन में कुछ बिंदु दिखाई देते है लेकिन वे बिना किसी उपचार के समाप्त हो जाएंगे। एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, रणदीप गुलेरिया ने कहा, “ऐसे अध्ययन हुए हैं जो बताते हैं कि लगभग 30-40 प्रतिशत लोग जो कोरोना सकारात्मक पाए गए है लेकिन उनमे कोई भी लक्षण नहीं देखे गए है। उनके सीटी स्कैन में भी बिंदु दिखाई दिए थे और वे बिना किसी उपचार के ठीक हो गए। “AIIMS chief warns against going for CT scan
उन्होंने आगे कहा कि एक सीटी स्कैन छाती के 300-400 एक्स-रे के बराबर है और इससे कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है, क्यूंकि आप हानिकारक किरणों के सम्पर्क में आते है।कोरोना होने के संदेह पर बात करते हुए डॉ रणदीप ने आगे कहा “अगर आपको संदेह है, तो पहले छाती का एक्स-रे करवाएं। यदि आवश्यक जरूरी हुआ तो डॉक्टर उचित सलाह देंगे कि सीटी स्कैन की आवश्यकता है या नहीं,”Coronavirus: “Need Aggressive Lockdowns To Beat 2nd Covid …

बायोमार्कर के बारे में बोलते हुए, जिसका उपयोग ये जानने के लिए किया जाता है कि शरीर किसी बीमारी के इलाज के लिए कितनी अच्छी प्रतिक्रिया देता है, रणदीप गुलेरिया ने कहा, “यदि कोई हल्के लक्षणों के साथ कोविड सकारात्मक है, तो रक्त परीक्षण, सीपीसी या LDH के लिए जाने की कोई आवश्यकता नहीं है।”If we work together, use oxygen, Remdesivir judiciously …

एम्स निदेशक ने यह भी कहा कि प्रारंभिक चरण में भारी स्टेरॉयड लेने से निमोनिया हो सकता है जो फेफड़ों तक फैल सकता है। “हल्के मामलों का इलाज सामान्य दवाओं के साथ किया जा सकता है। भारी स्टेरॉयड लेने की आवश्यकता नहीं है। वे केवल मध्यम या गंभीर संक्रमण के मामलों में लिए जाते हैं।”

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